दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

मय के प्याले में झिलमिलाती मदिरा ना बनूँ
दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

मैं किसी के ज़िक्र में इत्र की महक ना बनूँ
दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

मुझे देखने की चाह अगर थोड़ी रहे बाकी
तो चाँद को देखकर वो आहें भर सके
दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

मुझे पाने की चाह में किसी को इश्क की हवा ना लगे
दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

मेरी रूह में किसी की रूह ना रहे
दुआ करो मैं ख़ुशनुमा रहूँ ।

——- रानी

Ranee's Blog

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